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    Heaven
    means nothing
    to the elderly poor.

    Nor do the rays that make possible
    a woman’s beautiful hair
    mean anything to them.

    In silence
    they return to their past
    illumined by shadows
    of broken bottles, and they don’t
    forget
    that their wounds
    have stained spring’s tunic purple.

    The young people
    who love them
    and who fight
    to give them back
    their dignity of offended gods
    belong
    to the highest class
    of society.

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शहीद भगत सिंह के लेख एवं दस्तावेज

Posted by parisar on January 12, 2013

शहीद भगत सिंह साम्राज्यवाद के खिलाफ भारतीय जनता के संघर्ष के सबसे उज्जवल नायकों में से एक रहे हैं. तेईस वर्ष की छोटी उम्र में शहीद होने वाले इस नौजवान को भारतीय जनता एक ऐसे उत्साही देशप्रेमी नौजवान के रूप में याद करती है जिसने ब्रिटिश साम्राज्यवाद से समझौताविहीन लड़ाई लड़ी और अंत में अपने ध्येय के लिए शहीद हुआ. लेकिन अपेक्षाकृत कम ही लोग भगत सिंह एवं उनके क्रांतिकारी साथियों के विचारों से सही मायनों में परिचित हैं. भगत सिंह एवं उनके साथियों के लेख एवं दस्तावेजों का व्यापक रूप से उपलब्ध न होना इसकी एक बड़ी वजह रहा है और हमारे आज के शासकों के लिए भी यही मुफीद है कि भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों को जनता के सामने न आने दिया जाये. क्योंकि भगत सिंह के लेख एवं दस्तावेज मनुष्य द्वारा मनुष्य के शोषण की व्यवस्था के बारें में सही और वैज्ञानिक समझ विकसित करते हैं और इसके खिलाफ जनता की लड़ाई को सही दिशा देते हैं. भगत सिंह उन विरले विचारकों में से थे जो उस समय ही यह बात जोर देकर कह रहे थे कि केवल अंग्रेजों के भारत से चले जाने से ही आम जनता की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा जब तक की इस शोषणकारी व्यवस्था को न बदला जाय. हम यहाँ भगत सिंह द्वारा लिखित लेखों एवं दस्तावेजों के लिंक पीडीएफ फॉर्मेट में प्रस्तुत कर रहे हैं. काफी कोशिशों के बाद भी ‘ड्रीमलैंड की भूमिका’ जैसे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज छूट गये हैं. पाठकों से आग्रह है की यदि आपके पास यह लेख हो तो कृपया इसे कमेन्ट बॉक्स में प्रेषित कर दें.

इन्कलाब की तलवार विचारों की शान पर तेज होती है 1930

असेम्बली हॉल में फेंका गया पर्चा 1930

हिंदुस्तान सोसलिस्ट एसोसिएशन का घोषणापत्र 1929

अछूत समस्या 1923

साम्प्रदायिक दंगे और उनका इलाज़ 1928

शहादत से पहले साथियों के नाम अंतिम पत्र 1929

विद्यार्थी और राजनीति 1928

विद्यार्थियों के नाम पत्र 1929

लेनिन मृत्यु वार्षिकी पर पत्र 1930

मैं नास्तिक क्यों हूँ 1931

बम का दर्शन 1930

बम कांड पर सेसन कोर्ट में बयान 1930

भगत सिंह का पत्र सुखदेव के नाम 1929

पिताजी के नाम पत्र 1930

नौजवान भारत सभा का घोषणापत्र 1928

छोटे भाई कुलतार के नाम अंतिम पत्र 1931

घर को अलविदा 1923

क्रन्तिकारी कार्यक्रम का मसौदा 1931

कौम के नाम सन्देश 1931

कुलबीर के नाम अंतिम पत्र 1931

युवक 1925

नए नेताओं के अलग विचार 1928

धर्म और हमारा स्वाधीनता संग्राम 1928

हमें गोली से उडा दिया जाये 1931

सम्पादक मॉडर्न रिव्यू के नाम पत्र 1929

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