
यह वर्ष प्रसिद्ध नारीवादी विचारक, लेखक और एक्टिविस्ट सिमोन द बोउवार का जन्मशती वर्ष है।उनका जन्म 9 जनवरी 1908 को पेरिस फ्रांस में हुआ।सिमोन ने दार्शनिक, राजनैतिक और अन्य सामाजिक विषयों पर कई पुस्तकें लिखी जिनमें ‘द सेकेंड सेक्स’ सबसे अधिक चर्चित रही।इस किताब में उन्होने स्त्री शरीर और मन के बारे में पितृसत्ता द्वारा बनाए गए तमाम मिथकों और पारंपरिक विश्वाशों को खुली चुनौती दी। उन्होने सिद्ध किया कि स्त्री पैदा नहीं होती वरन बना दी जाती है।उन्होने बताया की पुरुष प्रधान समाज में स्त्री के चरित्र व प्रकृति को जान बूझ कर एक रहस्य के आवरण में पेश किया जाता है। जिससे समाज में उसकी हैसियत एक ‘अन्या’ की बना दी जाती है। ‘द सेकेंड सेक्स’ का हिन्दी अनुवाद प्रभा खेतान ने ‘स्त्री उपेक्षिता’ शीर्षक से किया है। सिमोन जीवनपर्यंत स्त्रियों की मुक्ति व मानवजाति कि बेहतरी के लिए संघर्षरत रहीं। हम उनके जन्मशताब्दी वर्ष पर सभी छात्रों से उनकी रचनाओं का अध्ययन करने व उन पर विचार गोष्टियाँ आयोजित करने के अलावा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम लेने का आह्वान करते हैं। हम आने वाली पोस्टों में उनकी इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ रचनाओं का लिंक प्रेषित करेंगे।
Archive for February 8th, 2008
सिमोन दा बोउवा
Posted by parisar on February 8, 2008
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