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न हो कुछ भी…..

Posted by parisar on January 2, 2008

2 Responses to “न हो कुछ भी…..”

  1. sunil Says:

    प्रिय सम्पादक महोदय
    आपने ब्लॉग पर जो कविता दी है, वो काफ़ी अच्छी है लेकिन आपने लेखक का नाम शायद “वेणु गोपाल” है .

  2. parisar Says:

    मैं भी यही जानता था कि यह कविता वेणुगोपाल की है. मैंने इसे कई पोस्टरों में पढा था. लेकिन कला कम्यून ने लेखक की जगह पर चारुलता का नाम लिखा है.मुझे नाम बदलना अच्छा नहीं लगा और शायद इसे बदलना सम्भव भी नही था.

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